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Sundarakāṇḍa (El libro hermoso)

Vālmīki

El libro de Hanumān: el salto sobre el océano, la búsqueda nocturna por la ciudad de Rāvaṇa, el encuentro con Sītā cautiva en el bosquecillo de aśoka, a la que entrega el anillo de Rāma, y el incendio de Laṅkā con su propia cola en llamas. Es el libro más recitado en el culto y el que Robert Goldman canta en sánscrito en una grabación de la Universidad de Berkeley.

sánscrito

· 68 capítulos · 2 h de lectura

  1. 1सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १9′
  2. 2सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २2′
  3. 3सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३2′
  4. 4सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४1′
  5. 5सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५2′
  6. 6सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६2′
  7. 7सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ७1′
  8. 8सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ८1′
  9. 9सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ९3′
  10. 10सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १०2′
  11. 11सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ११2′
  12. 12सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १२1′
  13. 13सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १३3′
  14. 14सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १४2′
  15. 15सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १५2′
  16. 16सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १६2′
  17. 17सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १७1′
  18. 18सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १८1′
  19. 19सुन्दरकाण्डम्/सर्गः १९1′
  20. 20सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २०2′
  21. 21सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २१2′
  22. 22सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २२2′
  23. 23सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २३1′
  24. 24सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २४2′
  25. 25सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २५1′
  26. 26सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २६2′
  27. 27सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २७2′
  28. 28सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २८1′
  29. 29सुन्दरकाण्डम्/सर्गः २९1′
  30. 30सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३०2′
  31. 31सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३१1′
  32. 32सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३२1′
  33. 33सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३३2′
  34. 34सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३४2′
  35. 35सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३५4′
  36. 36सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३६2′
  37. 37सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३७3′
  38. 38सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३८3′
  39. 39सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ३९3′
  40. 40सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४०1′
  41. 41सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४१1′
  42. 42सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४२2′
  43. 43सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४३1′
  44. 44सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४४1′
  45. 45सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४५1′
  46. 46सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४६2′
  47. 47सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४७2′
  48. 48सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४८3′
  49. 49सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ४९1′
  50. 50सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५०1′
  51. 51सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५१2′
  52. 52सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५२2′
  53. 53सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५३2′
  54. 54सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५४2′
  55. 55सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५५2′
  56. 56सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५६2′
  57. 57सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५७2′
  58. 58सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५८8′
  59. 59सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ५९2′
  60. 60सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६०1′
  61. 61सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६१1′
  62. 62सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६२2′
  63. 63सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६३2′
  64. 64सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६४2′
  65. 65सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६५1′
  66. 66सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६६1′
  67. 67सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६७2′
  68. 68सुन्दरकाण्डम्/सर्गः ६८1′
Sundarakāṇḍa (El libro hermoso), de Vālmīki — texto completo · The Conscious Library